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जयपुर साउथ (राजस्थान)
संस्था का उद्देश्य एवं इतिहास

हमारे बारे में (About Us)

श्री अग्रसेन सेवा संस्था जयपुर साउथ समाज सेवा, संस्कृति संरक्षण एवं अग्र बंधुओं के कल्याण हेतु संकल्पित संस्था है।

स्थापना एवं संकल्प

जयपुर साउथ क्षेत्र में अग्र बंधुओं का सशक्त मंच

श्री अग्रसेन सेवा संस्था जयपुर साउथ एक अग्रणी सामाजिक एवं परोपकारी संस्था है जो जयपुर दक्षिण क्षेत्र में अग्रवाल समाज के बंधुओं को संगठित करने, सामाजिक समरसता, युवा विकास, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी सेवा कार्यों के लिए समर्पित है।

संस्था द्वारा मानसरोवर, सांगानेर, मालवीय नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले अग्र परिवारों को एक सूत्र में बांधने, वैवाहिक सहयोग, चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर और छात्रवृत्ति वितरण जैसे निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

संस्था के मुख्य उद्देश्य

  • जयपुर साउथ क्षेत्र के सभी अग्र बंधुओं को एकजुट कर सामाजिक संगठन को सुदृढ़ बनाना।
  • ज़रूरतमंद अग्रवाल परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • युवक-युवती परिचय सम्मेलनों का आयोजन कर वैवाहिक संबंधों को सुगम बनाना।
  • महाराजा अग्रसेन जयंती एवं सामाजिक पर्वों का भव्य स्तर पर आयोजन करना।
  • प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं समाज की विभूतियों का सम्मान करना।
  • अग्रसेन भवन निर्माण एवं सामुदायिक सेवा केंद्र की स्थापना।
हमारी सांस्कृतिक धरोहर

महाराजा अग्रसेन जी का जन्म द्वापर युग के अंतिम चरण में प्रताप नगर के राजा वल्लभ सेन के घर हुआ था। वे अग्रोहा राज्य के संस्थापक एवं समाजवाद (एक ईंट और एक रुपया सिद्धांत) के महान प्रणेता थे।

अहिंसा एवं करुणा

महाराजा अग्रसेन जी ने प्राणी मात्र के प्रति करुणा और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने अपने राज्य में पशु बलि पर पूर्णतः रोक लगाई।

एक रुपया और एक ईंट सिद्धांत

अग्रोहा राज्य में आने वाले नए नागरिक को राज्य का प्रत्येक व्यक्ति 1 रुपया और 1 ईंट भेंट करता था, जिससे उसका गृह एवं व्यापार स्थापित हो सके।

18 गोत्रों की स्थापना

ऋषियों के नाम पर 18 यज्ञों के संपादन के साथ अग्रवाल समाज के 18 गोत्रों (गर्ग, गोयल, बंसल, मित्तल आदि) का गठन हुआ।

समाजवाद के प्रथम प्रणेता

बिना किसी भेद-भाव और कर-बोझ के प्रजातंत्र और कल्याणकारी राज्य की अनूठी मिसाल कायम की।